ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
अर्थ / उपयोग:
सविता के दिव्य प्रकाश से बुद्धि प्रेरित होने की प्रार्थना।
वेदों और वैदिक परंपरा में प्रसिद्ध शांति, कल्याण और उपासना मंत्र।
सामान्य मंत्र प्रातः, संध्या या पूजा के समय पढ़े जा सकते हैं। विशेष साधना में परंपरा और गुरु के निर्देश को प्राथमिकता दें।
दैनिक स्मरण के लिए 1, 3, 11 या 21 बार जप किया जा सकता है। अनुष्ठानिक संख्या योग्य आचार्य से पूछें।
हाँ। अर्थ समझने से मंत्र के भाव पर एकाग्रता बढ़ती है और पाठ अधिक सार्थक बनता है।