ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ अर्थ / उपयोग: जीवन-रक्षा और कल्याण की वैदिक प्रार्थना। ← वैदिक मंत्र एवं सूक्त