मंत्र नवग्रह मंत्र

नवग्रह मंत्र

सूर्य से केतु तक नौ ग्रहों के सामान्य नमस्कार मंत्र।

नवग्रह मंत्र मूल मंत्र • सरल अर्थ • उपयोग
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HINDUTVA BHARAT MANTRA

नवग्रह मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
अर्थ / उपयोग: सूर्यदेव का बीज मंत्र।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः॥
अर्थ / उपयोग: चंद्रदेव का बीज मंत्र।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
अर्थ / उपयोग: मंगल ग्रह का बीज मंत्र।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
अर्थ / उपयोग: बुध ग्रह का बीज मंत्र।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥
अर्थ / उपयोग: देवगुरु बृहस्पति का बीज मंत्र।
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥
अर्थ / उपयोग: शुक्र ग्रह का बीज मंत्र।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥
अर्थ / उपयोग: शनिदेव का बीज मंत्र।
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
अर्थ / उपयोग: राहु का बीज मंत्र।
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः॥
अर्थ / उपयोग: केतु का बीज मंत्र।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इन मंत्रों का पाठ कब करें?

सामान्य मंत्र प्रातः, संध्या या पूजा के समय पढ़े जा सकते हैं। विशेष साधना में परंपरा और गुरु के निर्देश को प्राथमिकता दें।

कितनी बार जप करना चाहिए?

दैनिक स्मरण के लिए 1, 3, 11 या 21 बार जप किया जा सकता है। अनुष्ठानिक संख्या योग्य आचार्य से पूछें।

क्या अर्थ समझना आवश्यक है?

हाँ। अर्थ समझने से मंत्र के भाव पर एकाग्रता बढ़ती है और पाठ अधिक सार्थक बनता है।