ॐ गौरीशङ्कराय नमः॥
अर्थ / उपयोग:
दांपत्य में संतुलन और सद्भाव की भावना।
दांपत्य, परिवार, संतति और पारस्परिक सौहार्द की प्रार्थनाएँ।
सामान्य मंत्र प्रातः, संध्या या पूजा के समय पढ़े जा सकते हैं। विशेष साधना में परंपरा और गुरु के निर्देश को प्राथमिकता दें।
दैनिक स्मरण के लिए 1, 3, 11 या 21 बार जप किया जा सकता है। अनुष्ठानिक संख्या योग्य आचार्य से पूछें।
हाँ। अर्थ समझने से मंत्र के भाव पर एकाग्रता बढ़ती है और पाठ अधिक सार्थक बनता है।