कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥ अर्थ / उपयोग: भागवत परंपरा में प्रसिद्ध प्रार्थना। ← विवाह एवं संतान मंत्र