मंत्र रक्षा मंत्र अभय प्रार्थना
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अभय प्रार्थना

ॐ अभयं मित्रादभयममित्रादभयं ज्ञातादभयं परोक्षात्।
अर्थ / उपयोग: चारों ओर से निर्भयता की वैदिक प्रार्थना।

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