पद्मानने पद्मऊरु पद्माक्षि पद्मसम्भवे। त्वं मां भजस्व पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्॥ अर्थ / उपयोग: गृह-सुख और मंगल की प्रार्थना। ← लक्ष्मी मंत्र