ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥ अर्थ / उपयोग: साहस, सेवा और समर्पण की प्रेरणा। ← गायत्री मंत्र