वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ अर्थ / उपयोग: कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना। ← गणेश मंत्र