मंत्र दुर्गा मंत्र सर्वमंगल मंत्र
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सर्वमंगल मंत्र

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ / उपयोग: माँ के मंगलकारी स्वरूप की वंदना।

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