मंत्र दैनिक मंत्र भोजन मंत्र
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भोजन मंत्र

ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना॥
अर्थ / उपयोग: भोजन को प्रसाद मानकर ग्रहण करने से पूर्व पढ़ें।

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