समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले। विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥ अर्थ / उपयोग: धरती पर पैर रखने से पहले पृथ्वी माता से क्षमा प्रार्थना। ← दैनिक मंत्र