कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥ अर्थ / उपयोग: सुबह जागने के बाद हथेलियों का दर्शन करते हुए पढ़ें। ← दैनिक मंत्र