हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥ अर्थ / उपयोग: श्री सूक्त का प्रसिद्ध प्रारंभिक मंत्र। ← लक्ष्मी मंत्र